जिंदगी बड़ी सस्ती हो चुकी है;
तूफ़ानी समंदर में कागज की कश्ती हो चुकी है;
शैतानी हाथों नीलाम हो चुकी है;
इक पिंजरा तन का है;
वरना छोड़ इसे जिंदगी कबकी फरार हो चुकी है !
Sketch-Er
तूफ़ानी समंदर में कागज की कश्ती हो चुकी है;
शैतानी हाथों नीलाम हो चुकी है;
इक पिंजरा तन का है;
वरना छोड़ इसे जिंदगी कबकी फरार हो चुकी है !
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