Monday, 25 September 2017

wajah

Galat hu jaroori nhi,
Wajah khamoshi ki aur bhi hai,

Muskurana sirf aadat nahi,
Kabhi kabhi ek majboori bhi hai,

Tanhaa rehna kismat nahi,
aksar ek chahat bhi hai,

harkate ajeeb yuhi nahi karta,
ajeeb meri fitrat bhi hai,

milna tumhara mehaj ittefaaq nhi,
shayad duaa ka asar bhi hai,

Kalakaari sirf shauk nahi,
Ye jindgi ki jaroorat bhi hai!

Sketch-Er

Tuesday, 5 September 2017

जीवन

झूम रहे फूल प्यारे,
माँ समान जिन्हे तितलियाँ संवारे,
भाग रही लहर किनारे,
दूर कही उसे मोर पुकारे,
गवाह बन खड़े पेड़ सारे,
जाने क्या फुसफुसाते पत्ते सारे,
कर रहे कई इसारे,
आसमान के ये चांद तारे,
जंगल घने; दफ्न करे बीज कई सारे,
जाने कब से नींद में थे,
झाड़ियों के चिलमन से जिन्हे सूरज निहारे,
ओश की बूँदों ने नन्ही कोपलों के रूप निखारे,
आने की खुशी में जिनके कोयल कूँक मारे!

Sketch-Er

Monday, 4 September 2017

शिक्षक

कभी कान पकड़,
तो कभी प्यार से,
कभी आँखे दिखाकर,
तो कभी कोई कहानी सुनाकर
कभी डांटकर,
तो कभी कोई पाठ पढ़ाकर,
कभी बैठक,
तो कभी मुर्गा बनाकर,
खुदा ने भेजे फरिस्ते कई,
जिन्दगी के हर मोड़ पर उन्हे शिक्षक बनाकर!

Sketch-Er

Friday, 1 September 2017

Tanha

खामोशी का यूँ कहर है,
जैसे कोई धीमा ज़हर है,

तनहाई का ये पहर है,
जागा मै; सोया सारा शहर है,

मन यादों का सागर है,
उठती ख्यालों की एक लहर है,

फैला चारो ओर एकांत है,
ना जाने क्यो? अल्फाज आज शांत है|

Sketch-Er

अंधियारी रात

एक अंधियारी रात थी, और घनघोर तन्हाई मेरे साथ थी, जला कर रखी हमने जो थोड़ी आग थी, परछाइयों में वो एक अलग ही कलाकार थी, व्याकुल सी नदी बह...