Friday, 8 February 2019

दोस्ती

उम्मीद अभी बाकि है,
फैसले की तारिख़ अभी बाकि है,
एक गया तो क्या हुआ,
अभी साल और बहुत बाकि है,
वो तेरी किस्मत में न सही,
पर दुनिया लोग अभी और भी बाकि है,
दुनिया में मुश्किलें ढेरो सही,
पर साथ चलने को तेरे यार अभी काफी है,
ठुकरा भी दे जो अगर ये दुनिया,
तो मेरे दोस्त, दोस्ती के दामन में आग अभी बाकि है।

Skech-Er

दूरी

वो आज फिर कुछ इस तरह से मुस्कुरा रही है,
जैसे कंही दूर जा रही है,
यंहा वंहा की बातें कर,
बस नजरें चुरा रही है
चेहरे के नक़ाब तले,
न जाने क्या क्या खयालात छुपा रही है
कहना कुछ था,
और कहे कुछ और ही जा रही है,
धीमें ही सही,
पर अब दूर जाने की घड़ी नजदीक आ रही है,
वो आज फिर कुछ इस तरह से मुस्कुरा रही है,
जैसे कंही दूर जा रही है!

Sketch-Er

अंधियारी रात

एक अंधियारी रात थी, और घनघोर तन्हाई मेरे साथ थी, जला कर रखी हमने जो थोड़ी आग थी, परछाइयों में वो एक अलग ही कलाकार थी, व्याकुल सी नदी बह...